अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि ठंड के मौसम में बिजली बिल कम आना चाहिए, क्योंकि इस समय पंखा, कूलर और एसी नहीं चलते। लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट होती है।
बहुत-से उपभोक्ताओं का कहना होता है कि सर्दियों में उनका बिजली बिल बढ़ गया है और साथ ही लोड अधिक दिखाकर फाइन भी लग रहा है।
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Why Bijali Bill Load Increased in Cold Season Main Reason & Sol
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि
- ठंड में बिजली बिल क्यों बढ़ता है
- लोड कैसे और क्यों बढ़ जाता है
- फिक्स्ड चार्ज और पेनाल्टी कैसे लगती है
- और आप इससे कैसे बच सकते हैं
| Post Name | Why Bijali Bill Load Increased in Cold Season Main Reason & Sol |
| Post Type | Bijali Bill |
| Scheme Name | Why Bijali Bill Load Increased in Cold Season Main Reason & Sol |
| Check Mode | Online |
| Department | Bihar Electricity Department |
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| ठंडी में बिजली बिल क्यों बढ़ रही है | अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि ठंड के मौसम में बिजली बिल कम आना चाहिए, क्योंकि इस समय पंखा, कूलर और एसी नहीं चलते। लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट होती है। बहुत-से उपभोक्ताओं का कहना होता है कि सर्दियों में उनका बिजली बिल बढ़ गया है और साथ ही लोड अधिक दिखाकर फाइन भी लग रहा है। |
ठंडी में बिजली बिल क्यों बढ़ रही है
ठंड में बिजली की खपत कम होने के बावजूद बिल क्यों बढ़ता है?
यह सच है कि सर्दियों में:
- पंखा नहीं चलता
- कूलर और एसी बंद रहते हैं
लेकिन इसके बदले जो उपकरण इस्तेमाल होते हैं, वे बहुत ज्यादा बिजली खपत करने वाले होते हैं।
सर्दियों में ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरण
- रूम हीटर
- गीजर
- पानी गर्म करने वाली रॉड
- इंडक्शन चूल्हा
- इलेक्ट्रिक केतली
👉 यही उपकरण लोड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं।
लोड क्या होता है और यह क्यों बढ़ता है?
लोड का मतलब है –
आपके बिजली कनेक्शन पर एक समय में इस्तेमाल होने वाली अधिकतम बिजली क्षमता (kW में)।
उदाहरण से समझिए
- आपने 1 किलोवाट (1 kW) का घरेलू कनेक्शन लिया है
- लेकिन आप एक साथ:
- गीजर (2 kW)
- इंडक्शन (1.5 kW)
- हीटर (2 kW)
चला रहे हैं
➡️ कुल लोड चला गया 5 किलोवाट तक,
जबकि स्वीकृत लोड सिर्फ 1 किलोवाट था।
यही स्थिति ओवर-लोड कहलाती है।
ओवर-लोड होने पर क्या होता है?
जब आपका वास्तविक लोड, स्वीकृत लोड से ज्यादा हो जाता है, तब:
- लोड बढ़ा हुआ दिखाया जाता है
- फिक्स्ड चार्ज बढ़ जाता है
- अतिरिक्त डिमांड चार्ज (फाइन) लगाया जाता है
फिक्स्ड चार्ज कैसे बढ़ता है? (उदाहरण)
मान लीजिए:
- आपका कनेक्शन = 1 किलोवाट
- 1 किलोवाट का फिक्स्ड चार्ज = ₹80 प्रति माह
लेकिन जांच में पाया गया:
- आपका वास्तविक लोड = 2.1 किलोवाट
तो विभाग इसे मान लेता है:
- 3 किलोवाट का लोड
तब चार्ज ऐसे लगेगा:
- 3 किलोवाट × ₹80 = ₹240 फिक्स्ड चार्ज
- अतिरिक्त लोड पर ₹160 का फाइन
➡️ कुल अतिरिक्त बोझ = ₹160 + बढ़ा हुआ फिक्स्ड चार्ज
125 यूनिट फ्री बिजली के बावजूद बिल क्यों आता है?
कई राज्यों (जैसे बिहार) में:
- 125 यूनिट तक बिजली फ्री दी जाती है
लेकिन ध्यान रखें:
- फ्री यूनिट केवल एनर्जी चार्ज पर लागू होती है
- फिक्स्ड चार्ज और फाइन माफ नहीं होते
उदाहरण:
- कुल खपत = 133 यूनिट
- 125 यूनिट = माफ
- 8 यूनिट = बिल योग्य
- लेकिन फिक्स्ड चार्ज + पेनाल्टी = पूरा देना होगा
ठंड में लोड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण
ठंड के मौसम में लोग सोचते हैं:
“हम तो पंखा, एसी कुछ नहीं चला रहे, फिर लोड क्यों बढ़ रहा है?”
असल कारण:
- गीजर
- रूम हीटर
- पानी गर्म करने की रॉड
- इंडक्शन
👉 ये सभी उपकरण 2–3 किलोवाट अकेले खपत करते हैं।
लोड बढ़ने से बचने का सबसे सही उपाय
✅ समाधान 1: लोड बढ़वा लें (सबसे असरदार)
अगर आप:
- गीजर
- हीटर
- इंडक्शन
का नियमित उपयोग करते हैं, तो
👉 अपना स्वीकृत लोड 2 किलोवाट या 3 किलोवाट करवा लें
फायदा:
- ₹160 या उससे ज्यादा का फाइन बचेगा
- बार-बार ओवरलोड का झंझट नहीं
- मीटर सुरक्षित रहेगा
लोड बढ़ाने पर कितना खर्च आएगा?
उदाहरण:
- 1 किलोवाट → 2 किलोवाट
तो:
- फिक्स्ड चार्ज = ₹160
- लेकिन जो ₹160 पेनाल्टी लगती थी, वह पूरी तरह खत्म
➡️ कुल मिलाकर पैसा बचता है, नुकसान नहीं।
लोड बढ़ाने की प्रक्रिया क्या है?
- अपने बिजली विभाग की वेबसाइट या कार्यालय जाएं
- लोड वृद्धि आवेदन करें
- मामूली शुल्क देकर लोड अपडेट कराएं
- मीटर में नया लोड अपडेट हो जाएगा
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सुझाव
- सर्दियों में भारी उपकरण एक साथ न चलाएं
- गीजर और हीटर का सीमित उपयोग करें
- मीटर में दिख रहा लोड और फिक्स्ड चार्ज जरूर जांचें
- अगर बार-बार फाइन लग रहा है, तो लोड बढ़वाना ही बेहतर है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. ठंड में बिजली बिल ज्यादा क्यों आ रहा है?
क्योंकि गीजर, हीटर और इंडक्शन ज्यादा बिजली खपत करते हैं।
Q2. 125 यूनिट फ्री होने के बाद भी बिल क्यों आता है?
फिक्स्ड चार्ज और ओवर-लोड फाइन माफ नहीं होते।
Q3. ओवर-लोड का फाइन कैसे हटेगा?
स्वीकृत लोड बढ़वाने से।
Q4. क्या लोड बढ़वाना फायदेमंद है?
हां, नियमित फाइन से बचने के लिए यह सबसे सही उपाय है।
Q5. लोड कितने किलोवाट का कराना चाहिए?
अगर गीजर/हीटर इस्तेमाल करते हैं तो कम से कम 2 किलोवाट।
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