बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर इस्तेमाल करने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। अगर आपके घर, दुकान, कृषि कनेक्शन, फैक्ट्री, आटा चक्की मिल या किसी अन्य परिसर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा हुआ है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है।
| (Bihar Bijali New Connection Charges) BIJALIDETAILS.COM |
Bihar Bijali New Connection Charges बढ़ गए? 😱 आज से नया रेट लागू
पिछले कुछ समय से बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़ी कई तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ उपभोक्ताओं को मोबाइल ऐप पर रोजाना बिजली खपत की जानकारी नहीं मिल रही है, तो कुछ लोगों का मीटर Non Communication मोड में चला जा रहा है।
| Post Name | Bihar Bijali Bibhag |
| Post Type | Bihar Bibhag New Update |
| Scheme Name | Bihar Bijali New Connection Charges बढ़ गए? 😱 आज से नया रेट लागू |
| Check Mode | Online |
| Department | Bihar Electricity Department |
| Official Website | Click Here |
| Bihar Bijali New Connection Charges | इसके अलावा कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उन्होंने बिजली मीटर में रिचार्ज कर दिया है, खाते में बैलेंस भी दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद घर में बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो रही है। कुछ जगहों पर दैनिक बिजली खपत की राशि समय पर नहीं कटने और बाद में एक साथ कई दिनों की खपत का पैसा कटने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इस लेख में हम बिहार स्मार्ट प्रीपेड मीटर की सभी प्रमुख समस्याओं, उनके संभावित कारणों और समाधान के तरीकों को आसान भाषा में समझेंगे। अगर आपके मीटर में भी इनमें से कोई समस्या आ रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही प्रक्रिया अपनाकर आप अपनी शिकायत बिजली विभाग तक पहुंचा सकते हैं। |
Bihar Electricity New Update
बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का सिस्टम क्यों हो रहा है प्रभावित?
बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को अपनी खपत और उपलब्ध बैलेंस की जानकारी डिजिटल तरीके से मिलती है।
स्मार्ट मीटर में इस्तेमाल होने वाली तकनीक के माध्यम से बिजली की खपत का डेटा संबंधित सिस्टम और सर्वर तक पहुंचता है। इसके बाद उपभोक्ता मोबाइल ऐप या संबंधित पोर्टल पर अपनी बिजली खपत और बैलेंस की जानकारी देख सकते हैं।
लेकिन जब मीटर, नेटवर्क, सर्वर या बिलिंग सिस्टम के बीच संचार में समस्या आती है, तो दैनिक खपत और बैलेंस अपडेट होने में देरी हो सकती है।
वीडियो में बताई गई रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में स्मार्ट मीटर से जुड़े सिस्टम में एजेंसी परिवर्तन और तकनीकी हैंडओवर के दौरान कुछ समस्याएं सामने आई हैं।
रिपोर्ट में लगभग 30 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं और पटना के लगभग 7.5 लाख उपभोक्ताओं के प्रभावित होने की बात बताई गई है। हालांकि इन आंकड़ों और वर्तमान प्रभावित क्षेत्रों की आधिकारिक पुष्टि बिजली कंपनी की ताजा सूचना से जरूर करनी चाहिए।
1. स्मार्ट मीटर में दैनिक बिजली खपत अपडेट नहीं होने की समस्या
स्मार्ट प्रीपेड मीटर की सबसे महत्वपूर्ण सुविधा यह है कि उपभोक्ता अपनी दैनिक बिजली खपत की जानकारी मोबाइल ऐप पर देख सकते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर आपके घर में एक दिन में 5 यूनिट बिजली खर्च हुई है, तो सामान्य रूप से संबंधित सिस्टम में उसकी जानकारी अपडेट होनी चाहिए।
लेकिन तकनीकी समस्या के कारण कुछ उपभोक्ताओं को 16 अक्टूबर के बाद की दैनिक खपत का अपडेट नहीं मिलने की शिकायत सामने आई है।
ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को लगता है कि उनका बिजली बैलेंस कम नहीं हो रहा है या मीटर की रीडिंग बंद हो गई है।
दैनिक खपत अपडेट नहीं होने का कारण
इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।
- स्मार्ट मीटर और सर्वर के बीच कनेक्शन में समस्या।
- मीटर का डेटा समय पर सर्वर तक नहीं पहुंचना।
- बिलिंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी।
- पुरानी और नई एजेंसी के बीच डेटा ट्रांसफर में देरी।
- मोबाइल ऐप में डेटा अपडेट होने में समस्या।
इसका समाधान क्या है?
अगर आपके स्मार्ट मीटर की दैनिक खपत मोबाइल ऐप पर अपडेट नहीं हो रही है, तो सबसे पहले अपने मीटर का वर्तमान बैलेंस चेक करें।
इसके बाद पिछले दिनों की खपत और रिचार्ज की जानकारी सुरक्षित रखें।
अगर कई दिनों तक खपत अपडेट नहीं होती है, तो बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत करने के बाद Complaint Number जरूर प्राप्त करें। अगर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो अपने नजदीकी बिजली कार्यालय या संबंधित JE को इसकी जानकारी दें।
ध्यान रखें कि ऐप पर डेटा अपडेट नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि वास्तविक बिजली खपत भी बंद हो गई है।
2. स्मार्ट मीटर Non Communication मोड में चला जाना
बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को एक और समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई बार स्मार्ट मीटर Non Communication मोड में चला जाता है।
इसका मतलब है कि मीटर और संबंधित सर्वर के बीच डेटा का आदान-प्रदान सही तरीके से नहीं हो पा रहा है।
ऐसी स्थिति में मीटर की रीडिंग, बैलेंस और अन्य जानकारी मोबाइल ऐप पर समय से अपडेट नहीं हो सकती है।
Non Communication की समस्या क्यों आती है?
इसके कुछ संभावित कारण निम्नलिखित हैं।
- मीटर के कम्युनिकेशन नेटवर्क में समस्या।
- सर्वर से कनेक्शन टूट जाना।
- मीटर के डेटा ट्रांसमिशन में गड़बड़ी।
- तकनीकी रखरखाव या सिस्टम माइग्रेशन।
- मीटर या कम्युनिकेशन मॉड्यूल में खराबी।
Non Communication समस्या का समाधान कैसे करें?
अगर आपका मीटर Non Communication दिखा रहा है, तो सबसे पहले बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं।
अगर हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो अपने नजदीकी बिजली विभाग के कार्यालय में जाएं।
वहां संबंधित अधिकारी या JE को मीटर की समस्या बताएं।
जरूरत पड़ने पर विभाग की ओर से तकनीशियन आपके परिसर में भेजा जा सकता है। तकनीशियन मीटर और कम्युनिकेशन सिस्टम की जांच करके आवश्यक सुधार करेगा।
उपभोक्ता स्वयं मीटर खोलने या उसके वायरिंग में बदलाव करने की कोशिश न करें।
3. रिचार्ज करने के बाद भी बिजली सप्लाई चालू नहीं होना
स्मार्ट प्रीपेड मीटर की सबसे परेशान करने वाली समस्याओं में से एक है कि उपभोक्ता रिचार्ज तो कर देता है, लेकिन इसके बाद भी घर में बिजली नहीं आती है।
उदाहरण के लिए, आपके मीटर का बैलेंस माइनस में चला गया था और इसी कारण बिजली सप्लाई बंद हो गई।
इसके बाद आपने ₹500 या ₹1,000 का रिचार्ज किया। मोबाइल ऐप पर बैलेंस भी अपडेट हो गया, लेकिन घर में बिजली सप्लाई शुरू नहीं हुई।
ऐसी स्थिति में कई उपभोक्ता बार-बार रिचार्ज करने लगते हैं, जबकि समस्या मीटर के कम्युनिकेशन या रिले सिस्टम में भी हो सकती है।
रिचार्ज के बाद भी बिजली नहीं आने के संभावित कारण
- रिचार्ज का भुगतान मीटर सिस्टम तक अपडेट नहीं हुआ।
- मीटर और सर्वर के बीच कम्युनिकेशन की समस्या।
- मीटर को Reconnection Command नहीं मिला।
- मीटर का रिले सही तरीके से काम नहीं कर रहा।
- घर के MCB या वायरिंग में खराबी।
- क्षेत्र में बिजली लाइन या ट्रांसफॉर्मर की समस्या।
रिचार्ज के बाद बिजली चालू कैसे करवाएं?
सबसे पहले अपने स्मार्ट मीटर का बैलेंस चेक करें।
अगर बैलेंस पॉजिटिव है और इसके बावजूद बिजली नहीं आ रही है, तो घर के MCB और मुख्य स्विच की स्थिति देखें।
यह भी पता करें कि आसपास के दूसरे घरों में बिजली आ रही है या नहीं।
अगर आपके घर में ही बिजली नहीं है, तो 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत का समाधान नहीं होने पर संबंधित JE या नजदीकी बिजली कार्यालय से संपर्क करें।
जरूरत पड़ने पर विभागीय तकनीशियन मीटर की जांच करके बिजली सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
सिर्फ बिजली चालू करने के लिए बार-बार रिचार्ज करने से बचें। पहले अपने भुगतान और मीटर की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करें।
4. दो से चार दिन तक बिजली खपत का पैसा नहीं कटना और बाद में एक साथ कटौती होना
कुछ स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उनके मीटर से रोजाना बिजली खपत की राशि समय पर नहीं कट रही है।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपके घर में प्रतिदिन ₹40 की बिजली खपत होती है।
अगर तकनीकी समस्या के कारण चार दिनों तक राशि अपडेट नहीं होती है, तो उपभोक्ता को लग सकता है कि उसके मीटर का बैलेंस पहले जैसा ही है।
लेकिन जब सर्वर और बिलिंग सिस्टम सामान्य तरीके से काम करने लगते हैं, तो पहले के दिनों की खपत का डेटा भी अपडेट हो सकता है।
इस वजह से कई दिनों की खपत की राशि एक साथ बैलेंस से समायोजित हो सकती है।
क्या इससे बैलेंस अचानक माइनस में जा सकता है?
अगर आपके मीटर का बैलेंस पहले से कम है और कई दिनों की बिजली खपत की राशि एक साथ समायोजित होती है, तो बैलेंस कम होकर माइनस में भी जा सकता है।
इसलिए अगर कुछ दिनों तक आपके मीटर से राशि नहीं कट रही है, तो यह मानकर न चलें कि उन दिनों की बिजली मुफ्त मिल रही है।
अपनी वास्तविक खपत का ध्यान रखें और आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें।
अगर अचानक अधिक राशि कट जाती है, तो रिचार्ज हिस्ट्री और खपत की जानकारी सुरक्षित रखें। राशि में गड़बड़ी लगने पर बिजली विभाग में शिकायत करें और खपत का विवरण मांगें।
5. स्मार्ट मीटर में बैलेंस होने के बावजूद बिजली कट जाना
कुछ उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उनके मीटर में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद बिजली सप्लाई बंद हो जाती है।
सामान्य स्थिति में ऐसा नहीं होना चाहिए। हालांकि तकनीकी खराबी, कम्युनिकेशन फेलियर या मीटर के रिले में समस्या के कारण ऐसा हो सकता है।
इसके अलावा घर की वायरिंग, MCB या मुख्य सप्लाई लाइन में खराबी भी बिजली बंद होने का कारण हो सकती है।
बैलेंस होने के बावजूद बिजली कटने पर क्या करें?
सबसे पहले अपने मोबाइल ऐप या आधिकारिक पोर्टल पर मीटर का बैलेंस देखें।
इसके बाद घर के MCB और मुख्य स्विच की जांच करें।
अगर आसपास के घरों में बिजली है और आपके घर में सप्लाई बंद है, तो 1912 पर शिकायत करें।
शिकायत करते समय अपना CA Number, मीटर नंबर और समस्या की पूरी जानकारी दें।
अगर समस्या मीटर से संबंधित है, तो बिजली विभाग के तकनीशियन से जांच करवाएं।
6. नए स्मार्ट मीटर लगाने या खराब मीटर बदलने के बाद डेटा अपडेट नहीं होना
स्मार्ट मीटर से संबंधित एक अन्य समस्या नए मीटर की इंस्टॉलेशन और पुराने खराब मीटर को बदलने के बाद सामने आ सकती है।
जब किसी उपभोक्ता के परिसर में नया स्मार्ट मीटर लगाया जाता है, तो उससे संबंधित जरूरी जानकारी विभागीय सिस्टम में अपडेट करनी होती है।
इस प्रक्रिया में मीटर नंबर, उपभोक्ता खाता, कम्युनिकेशन और संबंधित सर्वर की जानकारी शामिल होती है।
अगर मीटर लगाने के बाद डेटा सही तरीके से अपलोड नहीं होता है, तो उपभोक्ता को मोबाइल ऐप पर बैलेंस या खपत की जानकारी मिलने में समस्या हो सकती है।
इसका समाधान क्या है?
अगर नया मीटर लगने के बाद मोबाइल ऐप पर सही जानकारी नहीं आ रही है, तो संबंधित बिजली कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
अपना CA Number, नए मीटर का नंबर और मीटर लगाने की तारीख उपलब्ध कराएं।
विभाग से यह सुनिश्चित करवाएं कि नए मीटर का डेटा संबंधित सिस्टम में सही तरीके से अपडेट हुआ है या नहीं।
पुराने मीटर को बदलने के बाद अंतिम रीडिंग और नए मीटर की शुरुआती रीडिंग का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखें।
7. स्मार्ट मीटर एजेंसी बदलने के कारण सर्वर और डेटा माइग्रेशन की समस्या
वीडियो में बताई गई जानकारी के अनुसार, बिहार के स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिस्टम में तकनीकी समस्या का एक प्रमुख कारण पुरानी और नई एजेंसी के बीच सिस्टम हैंडओवर और डेटा माइग्रेशन में देरी बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, पहले स्मार्ट मीटर की तकनीकी देखरेख से संबंधित काम EDF एजेंसी के पास था। करार की अवधि समाप्त होने के बाद उसे दो महीने का एक्सटेंशन दिए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके साथ ही नई एजेंसी Infinitive Computer Solutions को संबंधित काम सौंपे जाने की बात भी बताई गई है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि एजेंसी के करार, एक्सटेंशन और काम सौंपे जाने की वर्तमान स्थिति की पुष्टि बिजली कंपनी के आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।
डेटा माइग्रेशन क्या होता है?
डेटा माइग्रेशन का मतलब है पुराने कंप्यूटर सिस्टम या सर्वर में मौजूद जानकारी को नए सिस्टम में ट्रांसफर करना।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर में लाखों उपभोक्ताओं की जानकारी संबंधित सिस्टम में मौजूद होती है।
इसमें मीटर की रीडिंग, दैनिक खपत, बैलेंस, रिचार्ज हिस्ट्री और बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी शामिल होती है।
जब पुरानी एजेंसी से नई एजेंसी को सिस्टम का काम सौंपा जाता है, तो सभी जरूरी डेटा और तकनीकी सुविधाओं का सही तरीके से ट्रांसफर होना जरूरी होता है।
अगर इस दौरान डेटा माइग्रेशन या सर्वर इंटीग्रेशन में समस्या आती है, तो उपभोक्ताओं को दैनिक खपत अपडेट नहीं होने, बैलेंस में देरी और मीटर के Non Communication में जाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसलिए एजेंसी परिवर्तन के दौरान तकनीकी सिस्टम को सुचारू रखना बिजली कंपनी और संबंधित सेवा प्रदाताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
8. बिजली हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं मिले तो क्या करें?
बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1912 हेल्पलाइन शिकायत दर्ज कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
अगर आपके स्मार्ट मीटर में कोई समस्या आ रही है, तो सबसे पहले इसी नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
लेकिन अगर आपकी शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो आप अन्य माध्यमों से भी अपनी समस्या अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।
बिजली कार्यालय में जाकर शिकायत कैसे करें?
अगर 1912 पर शिकायत करने के बाद भी समस्या बनी हुई है, तो अपने नजदीकी बिजली विभाग के कार्यालय में जाएं।
वहां संबंधित JE, SDO या अन्य जिम्मेदार अधिकारी को अपनी समस्या बताएं।
शिकायत करते समय निम्नलिखित जानकारी अपने पास रखें।
- उपभोक्ता खाता संख्या यानी CA Number।
- स्मार्ट मीटर नंबर।
- रिचार्ज की तारीख और राशि।
- भुगतान की Transaction ID।
- मोबाइल ऐप में दिखाई देने वाले बैलेंस का स्क्रीनशॉट।
- बिजली सप्लाई बंद होने या अन्य समस्या का विवरण।
- पहले दर्ज कराई गई शिकायत का नंबर।
इन जानकारियों से बिजली विभाग के कर्मचारियों को आपकी समस्या समझने और उसकी जांच करने में आसानी होगी।
अगर मीटर की तकनीकी जांच की जरूरत है, तो विभागीय कर्मचारी या तकनीशियन को परिसर में भेजने का अनुरोध करें।
शिकायत का समाधान नहीं होने पर आगे कहां जाएं?
अगर संबंधित बिजली कार्यालय से भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो बिजली कंपनी के उच्च अधिकारियों से संपर्क करें।
इसके बाद आवश्यकता के अनुसार Consumer Grievance Redressal Forum यानी CGRF में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों और शिकायत निवारण से संबंधित नियम बिहार विद्युत विनियामक आयोग के अंतर्गत आते हैं।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए 7 जरूरी सावधानियां
स्मार्ट मीटर की तकनीकी समस्याओं के दौरान उपभोक्ताओं को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- अपने मीटर का बैलेंस नियमित रूप से चेक करें।
- केवल मोबाइल ऐप पर दिखाई देने वाली दैनिक कटौती को देखकर यह न मानें कि बिजली की खपत नहीं हुई है।
- रिचार्ज करने के बाद उसकी रसीद और Transaction ID सुरक्षित रखें।
- बिजली कटने पर बार-बार भुगतान करने के बजाय पहले बैलेंस और पेमेंट स्टेटस की जांच करें।
- 1912 पर शिकायत करने के बाद Complaint Number जरूर लें।
- मीटर में तकनीकी खराबी होने पर स्वयं उसे खोलने या वायरिंग में बदलाव करने की कोशिश न करें।
- बिजली विभाग के नाम पर फोन करके OTP या UPI PIN मांगने वाले अनजान लोगों से सावधान रहें।
बिहार के स्मार्ट मीटर उपभोक्ता अपनी समस्या का समाधान कैसे पाएं?
बिहार में NBPDCL और SBPDCL के उपभोक्ता अपने क्षेत्र के अनुसार संबंधित बिजली वितरण कंपनी से संपर्क कर सकते हैं।
अगर आप उत्तर बिहार के उपभोक्ता हैं, तो NBPDCL की सेवाओं का इस्तेमाल करें।
अगर आप दक्षिण बिहार के उपभोक्ता हैं, तो SBPDCL की आधिकारिक वेबसाइट और उपभोक्ता सेवाओं का इस्तेमाल करें।
बिजली बिल, रिचार्ज और स्मार्ट मीटर से संबंधित जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत मोबाइल ऐप का उपयोग करें।
NBPDCL की आधिकारिक वेबसाइट: https://nbpdcl.co.in/
SBPDCL की आधिकारिक वेबसाइट: https://sbpdcl.co.in/
बिजली से संबंधित शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क करें।
FAQ
Q1. बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दैनिक खपत अपडेट क्यों नहीं हो रही है?
सर्वर, नेटवर्क, डेटा ट्रांसफर या मीटर कम्युनिकेशन में तकनीकी समस्या होने के कारण दैनिक बिजली खपत की जानकारी मोबाइल ऐप पर अपडेट होने में देरी हो सकती है।
Q2. स्मार्ट मीटर में रिचार्ज करने के बाद भी बिजली नहीं आए तो क्या करें?
सबसे पहले बैलेंस और MCB चेक करें। अगर बैलेंस पॉजिटिव होने के बावजूद बिजली नहीं आ रही है, तो 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं। जरूरत पड़ने पर JE या बिजली कार्यालय से संपर्क करें।
Q3. स्मार्ट मीटर Non Communication क्यों दिखाता है?
मीटर और सर्वर के बीच डेटा का आदान प्रदान सही तरीके से नहीं होने पर Non Communication की समस्या दिखाई दे सकती है। नेटवर्क, सर्वर या मीटर के कम्युनिकेशन मॉड्यूल में खराबी इसके संभावित कारण हैं।
Q4. क्या चार दिन तक बिजली खपत का पैसा नहीं कटने पर बिजली मुफ्त मिलती है?
नहीं। तकनीकी समस्या के कारण दैनिक खपत की राशि अपडेट नहीं होने का अर्थ यह नहीं है कि बिजली मुफ्त मिल रही है। बाद में पहले की खपत की राशि समायोजित हो सकती है।
Q5. बिहार में स्मार्ट मीटर की शिकायत किस नंबर पर करें?
स्मार्ट मीटर और बिजली से संबंधित शिकायत के लिए 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
Q6. 1912 पर शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं मिले तो क्या करें?
आप अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर JE या SDO को शिकायत की जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा संबंधित बिजली कंपनी के उच्च अधिकारियों और CGRF में भी शिकायत की जा सकती है।
Q7. क्या स्मार्ट मीटर में बैलेंस होने के बावजूद बिजली कट सकती है?
सामान्य स्थिति में ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन तकनीकी गड़बड़ी, मीटर रिले या बिजली सप्लाई लाइन की समस्या के कारण ऐसा हो सकता है। इसकी जांच बिजली विभाग से करवाएं।
Q8. बिहार में स्मार्ट मीटर का बैलेंस कैसे चेक करें?
NBPDCL या SBPDCL के आधिकारिक पोर्टल और संबंधित अधिकृत स्मार्ट मीटर ऐप के माध्यम से अपना CA Number इस्तेमाल करके बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Q9. स्मार्ट मीटर में अचानक ज्यादा पैसा कट जाए तो क्या करें?
रिचार्ज हिस्ट्री, दैनिक खपत और बैलेंस का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। इसके बाद 1912 पर शिकायत करके कटौती का विवरण और हिसाब मांगें।
Q10. क्या स्मार्ट मीटर की तकनीकी समस्या को ठीक करने के लिए कर्मचारी घर आते हैं?
अगर शिकायत के बाद विभागीय जांच में परिसर पर तकनीकी जांच जरूरी पाई जाती है, तो बिजली कंपनी की ओर से कर्मचारी या तकनीशियन भेजे जा सकते हैं।
| WB Bijali Bibhag Website Link | Click Here |
| WB Electricity Bijali Video Playlist | Click Here |
| New Job Vacancy Update Website Link | Click Here |
| Daily Uses Most Important Tools | Click Here |
| Join Telegram Channel | Click Here |
| Click Here | |
| Click Here | |
| Join WhatsApp Channel | Click Here |