हम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है इससे बिल पे क्या फर्क पड़ता है एवं इसे कैसे बदलवाए

अगर आपके घर, दुकान, कृषि या इंडस्ट्रियल बिजली कनेक्शन का मीटर खराब (Defective) हो गया है, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि इसका असर आपके बिजली बिल पर कैसे पड़ता है और इसे सही तरीके से कैसे बदलवाया जाए।

अक्सर देखा जाता है कि मीटर खराब होने के बाद उपभोक्ता को पता नहीं चलता और बिल सामान्य से ज्यादा आने लगता है। इस लेख में हम आपको सरल भाषा में बताएंगे कि मीटर खराब होने की पहचान कैसे करें, बिल “MD” पर क्यों बनता है, मीटर टेस्टिंग और रिप्लेसमेंट की पूरी प्रक्रिया क्या है, और ऑनलाइन/ऑफलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें।

Post Nameहम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है इससे बिल पे क्या फर्क पड़ता है एवं इसे कैसे बदलवाए
Post Typeहम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है
Scheme NameBijali Meter
Check ModeOnline
DepartmentDelhi Electricity Department
Official WebsiteClick Here
हम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया हैअगर आपके घर, दुकान, कृषि या इंडस्ट्रियल बिजली कनेक्शन का मीटर खराब (Defective) हो गया है, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि इसका असर आपके बिजली बिल पर कैसे पड़ता है और इसे सही तरीके से कैसे बदलवाया जाए।

📌 मीटर खराब होने पर बिल पर क्या असर पड़ता है?

जब आपका बिजली मीटर खराब हो जाता है, तो बिजली विभाग आपके बिल को MD (Meter Defective) आधार पर बनाना शुरू कर देता है।

🔎 MD (Meter Defective) क्या होता है?

MD का मतलब है कि आपका मीटर सही तरीके से रीडिंग नहीं दे रहा है। ऐसी स्थिति में विभाग आपके पिछले औसत खपत (Average Consumption) के आधार पर बिल बनाता है।

⚠️ कई बार यह औसत खपत आपकी वास्तविक खपत से ज्यादा हो सकती है, जिससे बिल अधिक आने लगता है।

उदाहरण के तौर पर:
यदि आपका सामान्य मासिक उपयोग 150 यूनिट है, लेकिन मीटर खराब होने के बाद औसत 250–300 यूनिट के हिसाब से बिल बन सकता है।


🔍 कैसे पहचानें कि आपका मीटर खराब है?

नीचे दिए गए संकेतों से आप समझ सकते हैं कि आपका मीटर खराब हो चुका है:

1️⃣ डिस्प्ले ब्लैक होना

यदि मीटर की स्क्रीन पूरी तरह काली (Black Display) हो गई है और कोई रीडिंग नहीं दिख रही है।

2️⃣ रीडिंग नहीं बढ़ना

बिजली उपयोग के बावजूद यूनिट रीडिंग स्थिर है।

3️⃣ असामान्य बिल

पहले की तुलना में अचानक बहुत ज्यादा बिल आना।

4️⃣ एरर कोड दिखना

कुछ डिजिटल मीटर में Error Code दिखाई देता है।

अगर इनमें से कोई भी समस्या है, तो तुरंत शिकायत दर्ज करें।

हम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है इससे बिल पे क्या फर्क पड़ता है

📝 मीटर रिप्लेसमेंट की प्रक्रिया (Offline Process)

यदि आप ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया अपनाएं:

Step 1: आवेदन पत्र लिखें

एक साधारण आवेदन लिखें, जिसमें शामिल करें:

  • उपभोक्ता का नाम
  • पिता का नाम
  • पूरा पता
  • कंज्यूमर आईडी / CA नंबर
  • मोबाइल नंबर
  • मीटर खराब होने की तारीख
  • समस्या का विवरण

Step 2: नजदीकी बिजली कार्यालय में जमा करें

आवेदन जमा करते समय रिसीविंग कॉपी जरूर लें।

Step 3: मीटर जांच और बदलाव

आमतौर पर 5–10 दिनों के भीतर मीटर बदल दिया जाता है।

हम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है इससे बिल पे क्या फर्क पड़ता है

🌐 मीटर बदलवाने की Online प्रक्रिया

आज अधिकांश बिजली विभाग ऑनलाइन सुविधा प्रदान करते हैं। आप:

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं
  • टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं
  • व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज कर सकते हैं
  • ईमेल के माध्यम से शिकायत भेज सकते हैं

ऑनलाइन शिकायत करने पर आपको एक Complaint Number मिलता है, जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।


🧪 मीटर टेस्टिंग कैसे कराएं?

अगर आपको लगता है कि आपका मीटर तेज चल रहा है या गलत रीडिंग दे रहा है, तो आप मीटर टेस्टिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं।

🔧 टेस्टिंग शुल्क (औसत दरें – राज्य अनुसार अलग हो सकती हैं):

  • सिंगल फेज मीटर – ₹150 से ₹500 तक
  • थ्री फेज मीटर – ₹500 से ₹1000 तक

(सटीक शुल्क के लिए अपने राज्य के बिजली विभाग की वेबसाइट देखें)

यदि टेस्टिंग में मीटर दोषपूर्ण पाया जाता है, तो विभाग इसे मुफ्त में बदल सकता है।

हम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है इससे बिल पे क्या फर्क पड़ता है

📊 मीटर खराब होने पर क्या करें और क्या न करें?

✔️ क्या करें:

  • तुरंत शिकायत दर्ज करें
  • बिल पर “MD” लिखा है या नहीं, जांचें
  • पुराने बिल सुरक्षित रखें
  • मीटर की फोटो लेकर रखें

❌ क्या न करें:

  • मीटर से छेड़छाड़ न करें
  • खुद से मीटर खोलने की कोशिश न करें
  • बिल की अनदेखी न करें

📌 कितने समय में बदलेगा मीटर?

आमतौर पर:

  • शिकायत दर्ज होने के 5–10 कार्यदिवस में मीटर बदल दिया जाता है
  • ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ा अधिक समय लग सकता है

यदि ज्यादा देरी हो, तो उच्च अधिकारी या कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज करें।

हम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है इससे बिल पे क्या फर्क पड़ता है

💡 अलग-अलग कनेक्शन पर नियम

मीटर खराब होने के नियम घरेलू, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और कृषि कनेक्शन पर थोड़ा अलग हो सकते हैं, लेकिन प्रक्रिया लगभग समान रहती है।

  • घरेलू कनेक्शन – औसत बिल पर
  • कमर्शियल – पिछले 3 महीनों के औसत पर
  • इंडस्ट्रियल – लोड फैक्टर के आधार पर

📢 क्यों जरूरी है तुरंत कार्रवाई?

यदि आप मीटर खराब होने पर शिकायत नहीं करते, तो:

  • बिल लगातार औसत पर बनता रहेगा
  • अधिक भुगतान करना पड़ सकता है
  • बाद में सुधार कराना मुश्किल हो सकता है

इसलिए समस्या दिखते ही आवेदन करें।

हम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है इससे बिल पे क्या फर्क पड़ता है

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. मीटर खराब होने पर बिल कैसे बनता है?

बिल “MD” यानी Meter Defective आधार पर औसत खपत से बनता है।

Q2. मीटर बदलवाने में कितना समय लगता है?

आमतौर पर 5–10 कार्यदिवस।

Q3. क्या मीटर टेस्टिंग के लिए शुल्क देना पड़ता है?

हाँ, टेस्टिंग शुल्क देना होता है, जो राज्य अनुसार अलग हो सकता है।

Q4. क्या ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं?

हाँ, वेबसाइट, टोल फ्री नंबर, व्हाट्सएप या ईमेल से शिकायत कर सकते हैं।

Q5. मीटर बदलने का चार्ज लगता है?

यदि मीटर विभाग की गलती से खराब है तो सामान्यतः शुल्क नहीं लिया जाता।

हम कैसे पता करे की हमारा बिजली मीटर ख़राब हो गया है इससे बिल पे क्या फर्क पड़ता है
Bihar Website LinkClick Here
Bihar Electricity Bijali Video PlaylistClick Here
New Job Vacancy Update Website LinkClick Here
Daily Uses Most Important ToolsClick Here
Join Telegram ChannelClick Here
InstagramClick Here
TwitterClick Here
Join WhatsApp ChannelClick Here

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top